अप्रिय जोनास चोपड़ा जी,
आपको ये जानकर बेहद आश्चर्य होगा कि हर बार की भांति इसबार भी हमारा सेमेस्टर पता नहीं कैसे गुजर गया।इन बातों से जो सम्बन्ध आपका है बिलकुल वैसा ही हाल मेरा रहा है आपके धुआंधार सम्पन्न हुई शादी को लेकर| धुआंधार से याद आया हमने दिवाली में पटाखे कम फोड़े थे, शायद इससे सम्बंधित आंकड़े किसी ने आप तक पहुंचा दी और आपने जोधपुर के दमा के मरीज़ों की खातिरदारी कर दी।जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आप एडवरटाइज़मेंट के द्वारा हमें देती आ रही हैं।
आपके इन हरकतों से और अप्रवासी दिल्लीवाला होने के नाते, “सब मिले हुए हैं जी” जैसे शब्द बरबस निकल पड़ते हैं। इसके अलावे आपके उस बॉलीवुड के दर्शकों के प्रति किये गए कमेंट का जिसमें आप कहती हैं की ‘बॉलीवुड इज आल अबाउट हिप्स एंड……‘ से यही प्रतीत होता है कि #आप को अगर माइक मिल जाये तो आप सड़ जी को कड़ी टक्कर दे सकती हैं।अरे कहां फंस गए हम पॉलिटिक्स में,हम तो ह्यूमैनिटीज़ के क्लास में पॉलिटिक्स पर बोलने गए थे और -“आई एम नॉट इंटरेस्टेड इन पॉलिटिक्स एंड अल्सो आई डोंट वांट टू डिसकस इट” बोलके पोडियम से हट गए थे।अब देखिये बात पॉलिटिक्स की आई और आप पहुँच गयीं हैं स्टार्क घराने में फिर थ्रोन की लड़ाई के सलाह मसवरे में आपका जो योगदान होगा वो भी बेबाक होगा।
पेटा(PETA) वाले भी पता नहीं क्यों इतना हो-हल्ला कर रहे हैं।उनका कहना है की शादी में सिर्फ चार हाथी और कुछ घोड़े मंगाए जाने से बाकि के जानवर नाराज़ हो गए हैं।चुकी आप पेटा के अभियान के तहत जानवरों की ख़ुशी के लिए समय-समय पर जानवरों को परेशान ना करने के लिए प्रेरित करते रहती हैं इसलिए आपका फ़र्ज़ बनता था कि कम से कम हर प्रजाति से एक जानवर मुखिया को जरूर निमत्रण भेजना चाहिए था।
इस लेख का मकसद किसी के भावनाओं को आहत करना बिलकुल नहीं है,अगर आपको ये सच्ची घटना से प्रेरित लगती है तो महज एक संयोग होगा।बाकी आप उन घटनाओ से वाकिफ तो होंगे ही जिसमे बॉलीवुड इंडस्ट्री के निर्देशक नक़ल के जगह पर संयोग के नाम पर वर्षों से बॉक्स-ऑफिस पर नए-नए रिकॉर्ड कायम कर रहे हैं।